Friday, May 29, 2009

जिसके बिना कुछ भी नहीं.....


जिसके बिना मैं कुछ भी नहीं,मेरा वजूद कुछ भी नहीं,उसके जिक्र के बिना मेरा ब्लॉग कैसे पूरा हो सकता है?खुले अंतःकरण से मेरा सब कुछ उसको समर्पित,जिसने बिना किसी शिकवा शिकायत के अपने जीवन को मेरे नाम कर दिया और प्रतिफल में कभी कुछ नहीं चाहा.अपने जीवन की सफलता का श्रेय मैं खुले दिल से अपनी माँ के बाद यदि किसी को देता हूँ तो वह यही तस्वीर है,जो निरंतर,अनथक,मुझे सच्चाई बनाये हुए है,जिसके किसी भी पल का बदला में नहीं उतार सकता,इस सत्य को सार्वजनिक करके मैं गौरव महसूस करता हूँ.

1 comment:

Unknown said...

kash aisi kismat hamari bhi hoti