Saturday, November 22, 2008
जर्रा जर्रा रोमांचित है आज
कहते हैं की इतिहास अपने आपको रिपीट करता है बीकानेर आज भी उन्हीं भवनों और मकानों मैं रहता है जो रियासतकाल में बने बीकानेर को वर्षों बाद बदलने के मोका मिला है बीकानेर ने बहुत से नेता अभिनेता देखे हैं,बीकानेर ने सबको देखा परखा और जाना है,पहचाना है,नजदीक से देखा है और अजमाया भी है,सबने अपने अपने तौर पर बीकानेर को बदल डालने और काया पलट डालने की बहुत सी बातें भी कही हैं कहते रहे हैं,कहते भी रहेंगे एक स्थापित तथ्य है की जिन लोगों में जो हेरिडिटी अथवा वंशानुगत गुन होते हैं वो पीढी डर पीढी चलते आते हैं,राजा महाराजाओं में जनता की सेवा के गुन खानदानी होते हैं,उन्हें सिखाना नहीं पड़ता बीकानेर ने महाराजा करनी सिंह जी को लंबे समय तक संसद में बनाये रखा परिणामस्वरूप राजस्थान कैनाल की नींव पड़ी,बीकानेर उत्तरी भारत का शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र बना,कास्तकारी अधिनियम भी बीकानेर के सांसद करनी सिंह जी ने संसद में पास करवाया,उन्होंने खेलों के लिए अपनी तरफ़ से जो प्रोत्साहन खिलाड़ियों को दिया वो आज भी अविस्मरणीय हैआधुनिक बीकानेर की नींव रखने वाले महाराजा डॉ.करणी सिंह जी को हमसे अलग हुए बहुत लंबा समय नहीं बीता है,बीकानेर का शानदार आधुनिक स्वरुप उनका सपना था जो आज भी अभिलाषित है
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