लोगों की दुकान चलाने वाले, किस होश मैं भीगा फिरता है !!!
तेरे मन की अभिमानी हालत,सच्चाई से बडी दूर है
जो सीट मिली है तुझे पल भर,वो दुनिया का दस्तूर है
तेरे जैसे सूटेड बूटेड कई आए कई चले गए
कुछ चल निकले दो पल,कुछ होश गंवाए पडे रहे
आनन फानन तेरा ये जीवन,बर्बाद तुझे कर डालेगा
आंख खुलेगी जब तेरी,तूं चौंक चौंक कर उछलेगा
अपने अस्तित्व का भान करना सीखले उत्साही न बन
सदा ही नहीं रहते जीवन में महकते शालीन उपवन
किक एक लगेगी जब किसी छोटी सी नासाज गलती पर
पल भर में समझ अज्येगा तुझे की तूं है किस धरती पर!!!
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1 comment:
waah waah
KYA BAAT HAI
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