मुझे अपने आप से केवल इसलिए घृणा थी की मेरे पास पहनने को जूते नहीं थे,लेकिन ये घृणा उस समय खत्म हो गई जब मैंने ऐसे व्यक्ति को देखा जिसके पैर ही नहीं थे.बहुत सच है ये बात क्यों कि इसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया.
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No one is perfect in this universe,I am an un known person.
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