वही मैं, वही तुम, वही मकान, वही दिवाली
वही चहलपहल सब कुछ वही ,वही रात काली
चरों तरफ़ शोर वही,वही दीपो की आभा निराली
सन्नाटों को पछाडती,मनमोहक वही है हरियाली
सभी घरों मैं सदा की तरह खुशियों के आलम मैं
रंगीन सुर्ख रंगों से खूबसूरत देखो सज रही रंगोली!!!
रंगोली सजाओ खुशियाँ मनाओ हर पल आनंद करो
पर उनको कभी न भूलो जिनके दम से सजी है रंगोली
जिनके कल से हमारा आज है उन्हें पुरजोर याद करो
तब ही सार्थक होगी दीवाली की ये रंगीन रंगोली !!
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